कारोना अफवाह के पीछे की सच्चाई।

देखिए सबसे पहले तो आपको ये जानना जरूरी है कि कारोना वायरस जो अभी फेल रहा है, वास्तव में उसका नाम covid-19 (कोविड 19) है।



जब ये शुरू में भारत में फैलना शुरू हुआ था तब एक अफवाह सुनी होगी कि इसके बारे में इस किताब में पहले से लिखा है उस किताब में इलाज भी है, ना जाने कई दावे और साथ में उस किताब की फोटो भी।

तो वास्तव में किताब तो सही है पर जानकारी के अभाव में लोग इसे फैलाए जा रहे थे।
दरअसल किताब में कोरॉना वायरस के बारे में लिखा है, ना कि कोविड़ 19 के बारे में।



कोरॉना एक परिवार का नाम है इस परिवार में जो सदस्य है उन सभी वायरस के गुण मिलते जुलते है तो जब ये वायरस फेला तो इसके गुण भी इसी परिवार के साथ मिले ओर तब से इसे कोरॉना वायरस बोला गया बाद में इसका नामकरण कॉविड 19 के रूप में किया गया।



और हां बता दू अभी तक कोरोना वायरस फैमिली(परिवार) के किसी भी सदस्य वायरस की दवाई नहीं बनी है।
इन सभी वायरस का सिर्फ बचाव किया जा सकता है या अपनी इम्यून शक्ति बढ़ा कर इनसे बचा जा सकता है।



भविष्य में इनकी दवाई बनने के आसार नजर आ रहे है।

किसी और अफवाह जो आपने सुनी हो ओर उसके पीछे का कारण जानना चाहते होती कॉमेंट जरूर करे।
हम आपको अफवाह के पीछे की सच्चाई से रूबरू करवाएंगे।

मन का कोई सवाल या विचार आप कमेंट कर सकते है।manish sharma


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