आसमान का रंग नीला और समुन्द्र का रंग भी नीला क्यों?

जब आप ऊपर कि ओर देखते हो तो आसमान नीला और समुन्द्र कि ओर  देखते हो, तो वह भी नीला।
आपने कभी सोचा कि आसमान नीला क्यों? और ये समुन्द्र भी नीला क्यों?



आपने से कुछ कहेंगे कि आसमान का तो पता नहीं पर समुन्द्र नीला इस लिए क्योंकि आसमान का प्रतिबिंब दिखता है तो वह भी नीला दिखता है।

पर ऐसा नहीं है समुन्द्र का नीला होना ओर आसमान का नीला होना इनके कारण तो एक है पर दोनों का कोई संबंध नहीं है यानी की आसमान के कारण समुन्द्र नीला नहीं दिखता। उसका ये अपना रंग होता है जैसे आसमान का होता है।


तो देखते है ये केसे हुआ।
देखिए कोई वस्तु आपको उस रंग कि इस लिए दिख रही है, क्योंकि उसने वह रंग अवशोषित ना करके परावर्तित कर दिया है। आसमान के साथ भी यही होता है सूर्य से आने वाले प्रकाश में सभी रंग मौजूद होते है आसमान में उपस्थित गैस ओर हलके कणों के कारण वे सभी रंगो का अवशोषण कर पाते है परन्तु नीला रंग का नहीं जिसे वह वापस भेज देते है जिसके कारण हमें आसमान नीला दिखाई देता है।



यही कारण है समुन्द्र का,   समुन्द्र के पानी में भी यही कारण होता है, वह भी नीले रंग का परावर्तन कर देता है जिससे हमें वह नीला दिखाई देता है।
ओर समुन्द्र का रंग नीला किस कारण से होता है इसकी पूर्ण खोज भारतीय वैज्ञानिक "सी. वी. रमन" ने कि थी।



तो अब आप समझ गए होंगे कि दोनों का नीले दिखने कारण तो एक है पर कोई किसी के कारण नीला नहीं दिखता।

ओर यही ये रंग दिखाई क्यों देते है ये जानना है तो हमारे एक अन्य ब्लॉग पर जाकर पढ़ सकते हो।

http://logicserver.blogspot.com/2020/06/colour.html



मन का कोई सवाल या विचार आप कमेंट कर सकते है।manish sharma


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