आद्रता(humidity) क्या होती है?

आपने कभी ना कभी ये नाम जरूर सुना होगा। पर इसके बारे में ज्यादा सोचा नहीं होगा तो आज हम इसी के बारे में बात करते है।



आद्रता यानी कि हवा में पानी(वाष्प) कि मात्रा।
जी हां यही इसका मतलब होता है।
गर्मियों में जब बाहर वर्षा हो रही होती है तब आपने ये महसूस किया होगा कि अंदर चिपचिपाहट बढ़ जाती है। आपका पसीना नहीं सूखता, गर्मी बढ़ जाती है। यही चीज आपने तब देखी होगी जब हवा बहना रुक जाती है। तब भी यही समस्या आपके सामने आ जाती है। तो आखिर ये होता क्यों है?



दरअसल बारिश के कारण हवा में पानी की मात्रा इतनी बढ़ जाती है कि ये आपके शरीर से निकले पसीने को वाष्प में नहीं बदल पाता। क्यूकी तब हवा में पहले से ही काफी पानी मौजूद होता है। और जब हवा बहना रुक जाती है तब हवा ना होने के कारण ओर गर्मी के कारण पसीना तो निकालता है पर हवा के अभाव में सुख नहीं पता जिससे वो आपके शरीर पे ही बना रहता है। जिससे गर्मी ओर चिपचिपाहट बढ़ जाती है।



गर्मियों के दिनों में बन्द कमरे में कूलर चलने पर भी यही समस्या आती है। कूलर ने निकालने वाले पानी के कारण कमरे के वातावरण में पानी की मात्रा अधिकतम हो जाती है और उसके बाद वातावरण ओर पानी लेने की स्तिथि में नहीं रहता फलस्वरूप आपको गर्मी ओर चिपचिपाहट का सामना करना पड़ता है।

मन का कोई सवाल या विचार आप कमेंट कर सकते है।manish sharma


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