हवा(air) क्यों बहती है?

ये सवाल कभी ना कभी दिमाग में आता जरूर है, कि हवा क्यों बहती है?

चलो बहे पर कभी कभी रुक भी जाती है, और जब रुकती है तो पसीना पसीना कर देती है।
तो ये हवा का बहना रुकना तेज बहना और आंधी तूफानों में बदल जाना आखिर होता केसे है?
आज हम इसी पे बात करेंगे:--



पृथ्वी के चारों ओर रहनेवाली हवा हमेशा चलती रहती है। गर्म हवा ऊपर उठती है और ठंडी हवा नीचे आती है। जैसे ही गर्म हवा ऊपर उठती है, उसकी खाली की हुई जगह को भरने के लिए ठंडी हवा नीचे आती है। सूर्य की गरमी से धरती और समुद्र के अलग अलग हिस्से अलग अलग समय पर गरम होते हैं। और इस तरह धरती पर हवा का बहना जारी रहता है।



आप इसी ऐसे समझ सकते है कि सूर्य का ताप धरती के अलग अलग हिस्सों पे अलग अलग पड़ता है और अन्य भौतिक कारणों के कारण भी अलग अलग स्थानों पर एक ही समय में अलग अलग तापमान रहता है। अब अलग अलग तापमानों के कारण जिस जगह कम तापमान होगा वहा कि वायु ज्यादा तापमान वाले स्थान पर जाएगी। जब तक वो जाएगी तब तक कहीं और इसी स्थिति बन जाएगी
ये क्रम ऐसे चलता रहता है और हवा बहती रहती है

तभी तो जितना ज्यादा सन्नाटा उतना बड़ा तूफ़ान
हवा बिल्कुल बन्द और सन्नाटा छा जाने पर ये अनुमान लगा लिया जाता है कि अब कहीं और से हवा तेजी से बहकर इधर आएगी। बहुत तेज़ हवाओं को तूफ़ान कहते हैं।



विज्ञान की भाषा में इसे ऐसे समझ सकते है:-
हवा गर्म होके उपर जाने से निम्नदाब कि स्थिति पैदा हो जाती है और जहां हवा अपेक्षाकृत नीचे होती है वहां उच्च दाब होता है तब उच्च दब से निम्न दाब की ओर हवा बहती है।


अब आपको समझ आ गया होगा की ये मस्त मस्त पवन केसे चलती है।

मन का कोई सवाल या विचार आप कमेंट कर सकते है।manish sharma
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